यूरोप में राष्ट्रवाद Nationlism in Eourope (Eourop me rastravad)

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Hii Friends,

आज हमसब यूरोप में राष्ट्रवाद के बारे में जानेगे कि यूरोप में राष्ट्रवाद कि सुरुआत कैसे  और क्यो हुई । और राष्ट्रवाद कि परिभाषा भी जानेगे कि आखिर राष्ट्रवाद होता क्या है? इसका अर्थ क्या होगा?  क्योंकि यह एक बहुत महत्वपूर्ण chapter हैं क्योंकि इसने पुरे विश्व के नक्शे को बदल दिया । और इससे किसी भी परीक्ष में बहुत सारे सवाल पुछे जाते हैं तो चलिए उन सवालो के जवाबो को जानने कि कोशिश करते हैं।
तो चलिए शुरू करते हैं ।



 

यूरोप में राष्ट्रवाद

यूरोप में राष्ट्रवाद के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य- 

  1. राष्ट्रवाद की शुरुआत 16 मी शताब्दी के पुनर्जागरण काल से मानी जाति है।
  2. पुनर्जागरण की शुरुआत इटली के फ्लोरेंस नगर से मानी जाति है ।
  3. पुनर्जागरण का अर्थ होता है :- फिर से जगना
  4. इटली के महान कवि दाॅते को मानी जाति है। दाॅते को पुनर्जागरण काल का अग्रदूत कहते है। इनकी प्रसिद्ध रचना [ डिवाइन कॉमेडी ] जिसमें स्वर्ग- नरक की चर्चा की गई है इनका काल 1260 ई० -- 1321 इ० तक मानी जाती है।

  1. राष्ट्रवाद :- राष्ट्रवाद एक ऐसी भावना है जो किसी विशेष भगोलिक, संस्कृतिक या सामाजिक प्रवेशो में रहने वाले लोगो में एकता की वाहक होती है तथा देश प्रेम की भावना विकसित करती है।

  1. यूरोप मी राष्ट्रवाद की शुरुआत पुनर्जागरण काल से हुई। जिसकी पहली स्पष्ट पहली अभिव्यक्ति 1789 ई० की फ्रांसीसी क्रांति से मानी जाति है।
वास्तव में राष्ट्रवाद दो शब्दों के मेल से बना है ।
राष्ट्र + वाद  = राष्ट्रवाद  
राष्ट्र का मतलब होता है देश।
वाद का मतलब होता है विस्तार ।
 अर्थात राष्ट्रवाद एक ऐसी भावना है जो अपने देश का विस्तार, भगोलिक रूप से , राजनैतिक रूप से , या सामाजिक रूप से देश के बाहर तक करना चाहता है।
  1. पेट्राॅक :- यह मानववाद का संस्थापक था। जिसका काल 1304 ई० से 1367 ई० तक माना जाता है। ये इटली का रहने वाला था।
  2. मैकियावैली :- 1469 ई० से 1567 ई० के बीच के काल में यह विश्व का राजनैतिक चिंतक बना इसकी प्रसिद्ध पुस्तक का नाम द प्रिंस है।
  3.  लियोनाड्रो द वींची , मइकल एंजेलो और राफेल ये इटली के महत्वपूर्ण चित्रकार थे। जिनका चित्र आज भी विश्वा मे प्रसिद्ध है।
  4. लियोनाड्रो द वींची की प्रसिद्ध रचना मोनालिसा तथा द लास्ट सफर का है।
  5. राफेल की प्रसिद्ध चित्र की रचना जीसस क्राइस्ट की माता का चित्र प्रसिद्ध रचना है।
  6. इटली यात्री अमेरिगो बेस्पुसी के नाम पर अमेरिका का नाम अमेरिका पड़ा।
  7. माइकल एंजेलो एक मूर्तिकार , चित्रकार तथा एक वस्तुकार थे। जिनकी प्रसिद्धि रचना वासिलीका आॅफ सेंट पीटर है ।
  8. इटली के एकीकरण में तीन व्यक्तियो का महत्वपूर्ण योगदान रहा :- जोसेफ मेजिनी , गैरीबाल्डी , काउंट कावूर  ।
  9. जोसेफ मेजनी :-  मेजनी का जन्म जेनेवा में हुआ था। इन्हें इटली के एकीकरण का जनक कहां जाता है। इन्होंने 1831 ईसवी में यंग इटली की स्थापना की थी। या वहां का क्रांतिकारी दल का कार्बोनरी का सदस्य था।
  10. गैरीबाल्डी :- गैरीबाल्डी पेशा से नाविक होने के बावजूद गैरीबाल्डी इटली के एकीकरण मे लाल कुर्ती सेना का गठन किया। इसे इटली का एकीकरण का तलवार कहा जाता है ।
  11. काउंट कावूर :-  यह एक कूटनीतिज्ञ था । 1871 ई० में इटली सा एकीकरण का श्रेय इसी को जाता है।
फ्रांस के महत्वपूर्ण व्यक्ति 
  1. लुई सोलहवां  :- सी राजा के समय 1789 इस को पहली फ्रांसीसी क्रांति हुई तथा 14 जुलाई को राष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया।
  2. लुई चौदहवाँ  :- इसने वर्साय को फ्रांस की राजधानी बनाया जो आगे ऑस्ट्रिया की भी राजधानी बनी। इसका प्रसिद्ध कथन था मैं ही राज्य हूं और मेरे शब्द ही कानून है।
  3. वल्टेयर :- वॉल्टेयर चर्च का विरोधी था। जिसका कथन था :-` सौ चूहो कि अपेक्षा एक सिंह का शासन उत्तम है।
  4. माॅटेस्क्यू :- इसकी प्रसिद्ध रचना का नाम है कानून की आत्मा।
  5. रूसो :- या फ्रांस का एक महान दार्शनिक था जिसका जन्म 28 जून 1712 ईसवी को स्वीटजरलैंड के जेनेवा में हुआ था तथा मृत्यु 2 जुलाई 1778 ईसवी को फ्रांस ने हुआ था। इसकी प्रसिद्ध रचना का नाम दी सोसल कट्रेक्ट तथा दी एमेल है ।
  6. नेपोलियन बोनापार्ट :- नेपोलियन बोनापार्ट कारलो बोनापार्ट का पुत्र था। जिसका जन्म 15 अगस्त 1769 ई० को कोर्सिका दीप के राजधानी अजासियो मे हुआ था। स्न 1776 इसी को ऑस्ट्रिया के प्रमुख को समाप्त किया तथा स्न 1796 ई० को फ्रांस में डायरेक्टरी शासन का अंत कर प्रथम कान्सल बना।                                    1804 ईसवी में नेपोलियन फ्रांस का सम्राट बना। उसने इंग्लैंड को बनियों का देश कहा। नेपोलियन ने अपनी पत्नी जोजेफाइन को तलाक देकर ऑस्ट्रिया की राजकुमारी मोरिया लुइसा से शादी कर ली। वह 1800 ई० में बैंक ऑफ फ्रांस कि स्थापना किया।                                         21 अक्टूबर 1805 ईसवी को ट्राल्फगर का युद्ध इंग्लैंड और फ्रांस के बीच हुआ। इसे नील नदी का युद्ध भी करते हैं ।                                          1813 ई० में यूरोपियन राष्ट्रवाद के द्वारा नेपोलियन लिपजिंग में पराजित हुआ तथा उसे बंधी बनाकर  ऐल्बा के टापू पर भेजा गया परंतु वह वहां से भाग निकला और वह पुनः फ्रांस का सम्राट बना।                                                  18 जून 1815 ई० में वाटर - लू के युद्ध में मित्र राष्ट्र ( ब्रिटेन, रूस, प्रशा तथा ऑस्ट्रिया ) द्वारा नेपोलियन पराजित हुआ तथा उसे सेंट हेलेना दीप भेज दीया गया। जहां 1821 ईसवी में उसकी मृत्यु हो गई।                                                 नेपोलियन के पतन का मुख्य कारण था :-- रुस पर आक्रमण करना ।                                      1804 ई० में नेपोलियन संहिता लागू कर कानून के समक्ष समानता का सिद्धांत दीया तथा सामंती व्यवस्था समाप्त किया  ।                                 नेपोलियन इटली मे ट्रांसपेडेन गणराज्य तथा जर्मनी मैं राइन संघ का स्थापना किया। जिससे इटली एवं जर्मनी में एकीकरण की पृष्ठ भूमि तैयार हुई।
  7. समानता, स्वत्रता , तथा विश्वबंधुत्व फ्रांस कि क्रांति कि देन है।
  8. फ्रांस कि 1848 ई० कि ने (फ्रांसीसी क्रांति) इटली और जर्मनी में क्रांति कि लहर दौड़ा दि थी ।

● नोट :- बुर्बो राजवंश फ्रांस से संबंधित हैं।

पुर्तगाल के महत्वपूर्ण व्यक्ति  :- 

  1. बार्थोलोमियो डियाज :- 1488 ई० में  बार्थोलोमियो डियाज ने समुद्री मार्ग कि खोज कि ।
बास्कोडिगामा :- 1498 ई० में लिस्बन बंदरगाह से चलने वाला नावीक / व्यक्ति / यात्री भारत के कालीकट नामक स्थान पर पहुंचा। उस समय वहां का शासक जमोरिन था। 
वास्कोडिगामा अपने साथ तीन चीजें लाया था:- 
(a)  potato - आलू 
(b) Tomato - टमाटर 
(c) Tabacco - तम्बाकू 
तथा वह भारत से गरम मसाला तथा मसाला लेकर गया जिसे उसने आपने देश में 32 गुना कीमत पर बेचा ।
पोलैंड के महत्वपूर्ण व्यक्ति :-

  1. कोपरनिकस :-  कोपरनिकस ने बताया था की पृथ्वी सौर मंडल का केंद्र है। 

जर्मनी के महत्वपूर्ण व्यक्ति :-
  1.  मार्टिन लूथर  :- इन्होंने जर्मन भाषा में बाइबिल का अनुवाद किया ।
  2. केपला / केप्लर - (1570 -- 1630) :- इन्होंने बताया कि ग्रह सूर्य के चारो ओर चक्कर लगाते है ।
  3. बिस्मार्क :- बिस्मार्क जर्मनी का एकीकरण किया तथा लौह एंव रक्त की नीति का नारा दिया ।
  4.  विलियम  :- विलियम 8 फरवरी 1871 ई० को जर्मन संघ का सम्राट बना ।
  5. फ्रेडरिक लिस्ट  :- ये जर्मनी के आर्थिक राष्ट्रवाद के पिता थे ।
 इंग्लैण्ड के महत्वपूर्ण व्यक्ति  :-
  1. फ्रांसीसी बेकन :- ये पुनर्जागरण काल के निबंधकार थे।
  2. टाॅमस मूर :- इनकी प्रसिद्ध रचना यूटोपिया है ।
  3. शेक्सपीयर  :- इनकी प्रसिद्ध रचना रोमियो जुलियट है ।
  4. रोजर बेकन :- इन्हें आधुनिक प्रयोगात्मक विज्ञान के जन्मदाता कहा जाता है।
  5. चार्ल्स प्रथम :- इसी राजा के शासन काल में 1942 ई० में गृह युद्ध हुआ था।
  6. जेम्स ii  :-  इसी राजा के शासन काल में इंग्लैंड कि गौरवपूर्ण क्रांति 1688 ई० में हुई ।
  7. राजा जाॅन :- इसी राजा ने 1215 ई० में सामन्तो के अधिकार पत्र  मैग्नाकार्टा  पर हस्ताक्षर किया ।
  8. एलिजाबेथ :- यह ट्यूडर वंश से संबंधित हैं।
☆  औधोगिक क्रांति कि शुरूआत 18 वी शताब्दी में सुती वस्त्र उद्योग से हुई ।

कुछ महत्वपूर्ण तथ्य 
  1. नेपोलियन को पराजित करने वाले मित्र राष्ट्र ब्रिटेन, रूस, प्रशा तथा आस्ट्रिया थे ।
  2. इटली के एकिकरण  का विरोधी आस्ट्रिया था ।
  3. 100 वर्षीय युद्ध इंग्लैंड और फ्रांस के बीच हुआ था।
  4. जर्मनी का एकीकरण सेडान के युद्ध के परिणाम स्वरूप 1871 ईसवी मे हुआ ।
  5. चार्ल्स एल्बर्ट सर्डिनिया - पिडमाउण्ट का शासक था।
  6. नव गुएल्फ आन्दोलन का प्रणेता जियोबर्टी था।
  7. वियना सम्मेलन 1815 इसवी में फ्रांस के प्रभुत्व को समाप्त करने के लिए यूरोपीय राष्ट्रो ने किया मित्र राष्ट्र ब्रिटेन , रूस, प्रशा और ऑस्ट्रिया थे ।
  8. रूसी क्रांति 1917 ई० में हुई।
  9. एड्रियानोपुल की संधि 1829 ईसवी मे हुई।
  10. यूनान 1832 ईसवी में स्वतंत्र हुआ।
  11. फ्रैंकफर्ट की संधि 10 मई 1871 ईसवी को हुई।
  12.  सेडोआ का युद्ध ऑस्ट्रिया और प्रसा के बीच 1866 ईसवी मे हुआ।
  13. सेडान का युद्ध फ्रांस और प्रशा के बीच 1870 ईसवी मे हुआ।

स्पेन के महत्वपूर्ण व्यक्ति :- 

  • क्रिस्टोफर कोलंबस 1492 ईसवी में अमेरिका की खोज की।
  • मैगलन ने समुंद्री मार्ग से विश्व का चक्कर लगाया तथा प्रशांत महासागर का नामकरण किया।
रूस के महत्वपूर्ण व्यक्ति :-
  1. कार्ल- मार्क्स :-  कार्ल- मार्क्स का जन्म 5 मई 1818 ई० को जर्मनी में हुआ था । इनकी प्रसिद्ध रचना दास कैपिटल/ कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो है । इनका जीवन फ्रांस के बाद रूस में बीता। इन्होंने  दुनिया के मजदूरों एक हो जाओ का नारा दिया तथा इनकी मृत्यु लंदन में 14 मार्च 1883 ई० को हुआ ।
  2. जार :- रूस में जार का अर्थ शासक (राजा) होता है ।
  3. जार निकोलस द्वितीय:- यह रूस का अंतिम शासक  (राजा) था। इसने एक जार, एक चर्च , एक रूस का नारा दिया । 
  4. लेनिन :- लेनिन को रूसी या बोल्शेविक क्रांति का जनक कहा जाता है । इनकी प्रसिद्ध रचना चेका संगठन , अप्रैल थिसिस , तथा नई आर्थिक नीति है ।
  5. ट्राटस्की :- इसने लाल सेना का गठन किया तथा स्थायी क्रांति का सिद्धांत दिया।
  6. लियो टालस्टाय  :- इनकी प्रसिद्ध रचना  अन्ना कैरिनेना है ।
  7. स्टालिन :- ये आधुनिक रूस का निर्माता था।
  8. फ्रेडरिक एंजेल्स  :- यह कार्ल - मार्क्स का आजीवन साथी था ।
  • जर्मनी के एकीकरण कि बाधाएं :-    19वीं सदी में जर्मनी के एकीकरण की बधाए निम्न थी  
  1. जर्मनी का 300 छोटे बड़े राज्यों में बड़े होना।  
  2. फोन में राजनीतिक सामाजिक एवं धार्मिक विषमता व्याप्त होना। 
  3. राष्ट्रवाद की भावना का अभाव होना।
  4.  ऑस्ट्रिया या का हस्तक्षेप करना। ऑस्ट्रेलिया के चांसलर मेटरनीख घोर प्रतिक्रियावादी नीति।
  • 1789 ई० कि फ्रांसीसी क्रांति  :-        14  जुलाई 1789 ई० को फ्रांस के राजा लुई सोलहवाॅ के निरंकुश शासन का अंत वहां के जनता ने कर दिया , राजवंश का नाश हो गया।अब प्रभुसत्ता जनता के हाथों में आ गईं तथा इस प्रकार फ्रांस में राष्ट्रवाद की शुरूआत हो गईं ।
  • 1830 ई० कि फ्रांसीसी क्रांति  :-   14 जुलाई 1830 ई० को फ्रांस में बूर्बोवंश के शासक चार्ल्स दशम के प्रतिक्रियावादी शासन का अंत हो गया तथा आर्लेयंश वंश कि शरूआत हुई। 1830 ई० कि फ्रांसीसी क्रांति के बाद लुई फिलिप एक उदारवादी शासक बना , जो पत्रकारो के समर्थन से सत्ता हासिल किया ।
▪  1848 ई० कि फ्रांसीसी क्रांति  :- फरवरी 1848 ई० में फ्रांस के तत्कालीक शासक लुई फिलिप के प्रति आम जनता में असंतोष की भावना व्यप्त हो गईं, क्योकि उसका प्रधानमंत्री गीजो पूंजीपति वर्ग का समर्थक तथा आम वैधानिक समाजिक तथा आर्थिक सुधार का कट्टर विरोधी हो गया था ।इससे जनता में लुइस फिलिप प्रति विद्रोह की प्रवृत्ति बढ़ती गई तथा गणतंत्रवादियों ने सुधार की मांग को लेकर लुई फिलिप के प्रतिक्रियावादी तथा दमनात्मक करने के विरोध में 1848 ईसवी में क्रांति छेड दी।   
 22 फरवरी को पेरिस में सुधार भोज का आयोजन जनता ने किया, जिस पर लुई फिलिप ने रोक लगवा दी, जनता जुलूस घुमाने लगे तथा प्रधानमंत्री गिजो को बर्खास्त करने की मांग करने लगी। दबाव में लुई फिलिप ने गिजो को बर्खास्त कर दिया लेकिन 23 फरवरी 1848 को उत्तेजित जनता पर गिजो ने आत्मरक्षा के नाम पर गोली चलवा दि, जिसमें 23 व्यक्ति मारे गए। इससे जनता और भड़क गई तथा 24 फरवरी 1848 इसवी को लुई फिलिप के महल को चारों और से उत्तेजित जनता ने घेर लिया दिवस होकर लुई फिलिप राजगद्दी छोड़कर इंग्लैंड भाग गया।
1848 ई० कि क्रांति के परिणामस्वरूप फ्रांस की पुरातन व्यवस्था का अंत हो गया तथा एक नए राष्ट्रवाद की शुरुआत हुई जिसका आधार सैनिक वर्ग था। आगे 1852 ई० में नेपोलियन वहां गणतंत्र को समाप्त कर स्वयं सम्राट बन गया।
अन्य प्रभाव :-  
  1. पूरे यूरोप में राष्ट्रवाद की भावना जागृत हो गई।
  2. इटली , जर्मनी मैं एकीकरण की पृष्ठभूमि तैयार हो गई।
  3. पूरा विश्वा स्वतंत्रता समानता तथा विश्वा बंधुत्व के नारा को स्वीकार किया। 14 मार्च 1848 ईसवी को वियना में विद्रोह (ऑस्ट्रिया)-- मेटरनिख ने कराया।
  4.  15 मार्च 1848 ई० में वर्लिन में विद्रोह (जर्मनी)
  5.  22 मार्च 1848 ई० में वेनिस ने स्वतंत्रता की घोषणा की ।
  6. आस्ट्रिया के विरूद्ध- हंगरी कि क्रांति (1848), बोहेमिया कि क्रांति  (1848) मे हुई ।
  7. आस्ट्रिया के विरूद्ध- मेजनी द्वारा 1848 ई० को इटली  में हुई ।
●  क्रांति का उद्देश्य  :- 
  •  संवैधानिक शासन पाना 
  •  प्रेस कि स्वतंत्रता 
  • राजनीतिक तथा समाजिक अधिकार 
  • उदारवादी संविधान लागू करवाना 

जर्मनी के एकीकरण में बिस्मार्क की भूमिका  :-  बिस्मार्क का जान 1 अप्रैल 1815 ईसवी में ब्रेडनवर्ग में  हुआ था। वह एक प्रख्यात राष्ट्रवादी तथा कूटनीतिज्ञ था । अतः उसने जर्मनी के एकीकरण के लिए कूटनीति का सहारा लिया। वह जर्मनी का एकीकरण प्रशा के नेतृत्व में करना चाहता था। किसके लिए उसने रक्त और लौह की नीति अपनाया।

1815 ई० से 1848 ई० तक जर्मन साम्राज्य पर ऑस्ट्रिया का अधिपत्य था जिसका चांसलर मेटरनिख था। 1815 पूर्व नेपोलियन बोनापार्ट ने जर्मनी के छोटे बड़े राज्य को मिलाकर 39 राज्यो का राईन महासंघ स्थापित किया जो धीरे धीरे जर्मनी को राष्ट्रवादी बना दिया।

1848 ई० को फ्रांसीसी क्रांति के बाद जर्मनी में राष्ट्रवाद की शुरुआत होने लगी। जर्मनी का सबसे शक्तिशाली राज्य प्रशा था। प्रशा का राजा विलियम प्रथम ने 18508 ईसवी में बिस्मार्क को अपना प्रधानमंत्री बनाया तो उसने जर्मनी के एकीकरण के लिए तीन युद्ध किए।

  1. प्रशा - डेनमार्क युद्ध  1864 ई० :- बिस्मार्क ने डेनमार्क को पराजित कर शेल्सविग पर अधिकार कर लिया ।
  2. सेडोवा का युद्ध  1866 ई०  :-  1866 ई० में प्रशा और आस्ट्रिया के बीच हुआ था । इस युद्ध में आस्ट्रिया को पराजित कर जर्मनी ने जर्मन संघ की स्थापना की तथा होल्सटीन को प्रशा में मिलाया । इसे सेरोजोवा का युद्ध या आस्ट्रो - प्रशा का युद्ध भी कहते हैं ।
  3. सेडान का युद्ध  1870 ई० :-  15 जुलाई 1870 ई० में फ्रांस तथा प्रशा के बीच हुआ था । इस युद्ध में प्रशा ने फ्रांस को पराजित कर नेपोलियन तृतीय से आत्मसमर्पण करवाया, जिससे 10 मई 1871 ई० को फ्रांस तथा प्रशा के बीच फ्रैंकफर्ट की संधि हुई और दक्षिण जर्मन राज्य को उत्तरी जर्मन राज्य में मिलाते हुए बिस्मार्क ने जर्मनी का एकीकरण कर दिया ।

आज हमने यूरोप के राष्ट्रवाद के बारे में पुरे बिस्तार से जानने कि कोशिश कि और आपको यह जानकारी कैसी लगी हमे comment Box में जरूर बताएं तथा अपने दोस्तों के पास share जरूर करें ।
धन्यवाद!

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